खगडि़या, फरवरी 4 -- गोगरी,एक संवाददाता शब-ए-बरात के इस रात के बारे में अल्लाह के नबी हजरत मुहम्मद साहब ने फरमाया कि शब-ए-बरात की रात हजार महीने की रात से बेहतर है। इस रात रूहुल अमीन हजरत जिब्राईल आलम दुनिया में तशरीफ लाते हैं और इंसानों को खुदा का पैगाम सुनाते हैं। खुदा के प्यारे रसूल ने अपनी दूसरी हरीस में फरमाया कि इस रात की इबादत हजार महीने की इबादत से बेहतर है। इस रात पढ़ी जाने वाली एक रकअत नफिल नमाज का 27 गुणा अधिक सवाब मिलता है, जो बंदा शब-ए-बरात की पूरी रात इबादत करता है। कयामत के दिन अल्लाह उसके सिर पर एक ताज पहनाता है जो याकूत का बना होता है। इस रात की इबादत के बाद जो बंदा खुदा के हुजूर में नेक दिल से अपने एवं अपने पूर्वजों के गुनाहों की माफी मांगता है। अल्लाह उसे माफ फरमाता है। ऐसी भी मान्यता है कि इस रात अल्लाह तआला बंदों के पूर...
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