बलिया, मार्च 14 -- बलिया, संवाददाता। रमजानुल मुबारक महीने के 24वें दिन शनिवार को जिले भर में मुस्लिम लोगों ने एहतराम के साथ रोजा रखा। रोजेदारों ने मस्जिदों में पांच वक्त की नमाज के साथ रात में एशा के वक्त तरावीह की बीस रेकात विशेष नमाज अदा की। रमजान के पवित्र महीने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। मुफ्ती नसीम जफर कासमी ने बताया कि इस पाक महीने के आखिरी अशरे (दस दिन) के ताक रातों में शब-ए-कदर होती है। पूरा कुरआनपाक अल्लाहतआला लौहे महफूज से आसमाने दुनिया पर इस रमजानुल मुबारक महीने में उतारा है। इसमें एक सूरे व सूरेकदर है। इसका महफूम (खुलासा) यह है कि शब-ए-कदर की रात फजीलत के लिए कुरआन जैसी अजमत वाली चीज नाजिल हुई है। इस रात की बढ़ाई व फजीलत की बहुत खूबियां बयान की गई है। इसमें शब-ए-कदर को हजार महीनों से भी बेहतर बताया गया है और हजार महीनों से ज्य...