शब्बेदारी, नौहा और मातम से गूंज उठा मुस्तफाबाद
कौशाम्बी, अगस्त 2 -- सरायअकिल के मुस्तफाबाद में शनिवार रात यौम-ए-गम की शब्बेदारी अकीदत और एहतराम के साथ आयोजित की गई। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस से हुई, जिसे मऊ से आए मौलाना मजाहिर हुसैन ने खिताब करते हुए इमाम हुसैन (अ.स.) और शहीदाने कर्बला की कुर्बानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। पेशख्वानी जनाब जफर अब्बास अढ़ारवी और हसन अतरसुईयावी ने की। निजामत अनीस जायसी ने की। इसके बाद अंजुमन कमर-ए-बनी हाशिम की ओर से मातमी जुलूस बरामद किया गया। शब्बेदारी में अंजुमन रौनक-ए-इस्लाम जलालपुर, अंजुमन शब्बीरिया कानपुर, अंजुमन अजा-ए-हुसैन उन्नाव, अंजुमन अब्बासिया जलालपुर, अंजुमन लश्कर-ए-हुसैनी औरेनी, अंजुमन मजलूमिया अढ़हरा, अंजुमन जीनतुल अजा कदीम अली...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.