शबरी की भक्ति और श्रीराम-सुग्रीव की मित्रता अनुकरणीय : प्रपन्नाचार्य
गढ़वा, जुलाई 23 -- श्रीबंशीधर नगर, प्रतिनिधि। विंध्याचल धाम से पधारे जगतगुरु रामानुजाचार्य सत्य प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कहा कि शबरी ने भक्ति और सुग्रीव ने मित्रता का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है। वह मानव के लिये अनुकरणीय और कल्याणकारी है। वह यहां प्लस टू हाईस्कूल में रामकथा प्रवचन कर रहे थे। प्रवचन के दौरान प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने माता शबरी की भक्ति, भगवान श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता पर बोलते हुए सुंदरकांड के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन की। उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, मित्रता, सेवा और संस्कार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माता शबरी का जीवन सच्ची श्रद्धा, समर्पण और निष्काम भक्ति का अनुपम उदाहरण है। भगवान श्रीराम ने शबरी को भक्ति का उपदेश देते हुए बताया कि संतों का संग, प्रभु कथा में प्रेम, गुरु सेवा, निष्कपट भाव से ईश्वर का स्मरण, ...
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