शनि प्रदोष व्रत मेष, कुंभ, मीन, सिंह और धनु राशि के लिए क्यों है खास? इन 5 उपायों से प्रसन्न होंगे शनिदेव
नई दिल्ली, जून 17 -- Shani Pradosh Vrat upay for sade sati and dhaiya: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। यह व्रत हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत में भगवान शिव का पूजन प्रदोष काल में करना उत्तम होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। भगवान शिव की कृपा से जातक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। जब प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ता है, तब शनि प्रदोष व्रत का संयोग बनता है। शनि प्रदोष व्रत शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनिदेव भगवान शिव के परम भक्त और शिष्य हैं। कहा जाता है कि शनिदेव महादेव के भक्तों को कम परेशान करते हैं। ज्योतिष के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत के दिन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.