मेरठ, मई 16 -- वैसे तो प्रतिमाह की अमावस्या तिथि को पूजन दान आदि और पितरों के निमित्त समर्पित किया गया है लेकिन वर्षभर में होने वाली बारह अमावस्या में से ज्येष्ठ मास की अमावस्या विशेष रूप में मनाई जाने वाली होती है। ज्योतिष के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या को ही वट-अमावस्या या बड़-मावस कहा जाता है। इसमें विशेष रूप से वट-वृक्ष का पूजन किया जाता है। ज्योतिषचार्य विभोर इंदुसुत के अनुसार इस बार वट अमावस्या 16 मई शनिवार के दिन है। वट अमावस्या के दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और स्वस्थ समृद्ध जीवन के लिए व्रत रखती है जिसे वट सावित्री व्रत कहते हैं। शुभ मुहूर्त शुभ योग प्रातः 07:11 से 08:53 बजे तक अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 से 12:44 बजे तक लाभामृत योग दोपहर 01:59 से 05:23 बजे तक यह भी पढ़ें- तीन दशकों बाद शनि जयंती पर राजयोग, मेष, म...