नई दिल्ली, जून 1 -- Shani-Guru Navpancham Rajyog 2026: 2 जून, मंगलवार को गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में आने के साथ ही शनि के साथ मिलकर नवपंचम राजयोग का निर्माण करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु-शनि के प्रभाव से बनने वाले नवपंचम राजयोग अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना गया है। यह योग तब बनता है जब दो ग्रह एक-दूसरे से पांचवें और नौवें भाव में स्थित होते हैं। ज्योतिष शास्त्र में पंचम भाव बुद्धि, ज्ञान, संतान, क्रिएटिविटी, शिक्षा, और आकस्मिक लाभ का कारक होता है। जबकि नवम भाव भाग्य, धर्म, अच्छे अवसरों और लंबी यात्राओं का कारक माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जब शनि-गुरु नवपंचम राजयोग बनाते हैं तो यह जातक की बुद्धि और भाग्य में शुभ प्रभाव डालता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को करियर में अप्रत्याशित सफलता, सामाजिक मान-प्रतिष्ठा और ध...