नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- Kumbh rashi se sade sati kab utar rahi hai: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में न्याय देवता शनि की स्थिति और गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कहा जाता है कि शनि कर्म फलदाता हैं और हर व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर परिणाम प्रदान करते हैं। शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं और इस समय मीन राशि में विराजमान हैं। शनि के मीन गोचर के कारण इस समय कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा या अंतिम चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में होती है। अंतिम चरण को अस्त काल या उतरती हुई साढ़ेसाती भी कहा जाता है। इस समय शनि जातक को उसके कर्मों में सुधार का अवसर देते हैं। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि शनि जब किसी राशि से निकलते हैं तो वह कुछ न कुछ देकर जाते हैं। कुंभ राशि से साढ़ेसाती उतरने ही इस राशि के जातकों के जीवन में कु...