नई दिल्ली, अगस्त 22 -- शनि की साढ़ेसाती का नाम आते ही मन में अक्सर परेशानी, देरी और संघर्ष की तस्वीर बनने लगती है। लेकिन ज्योतिष में साढ़ेसाती को केवल कष्ट का समय नहीं माना जाता। शनि व्यक्ति को उसकी जिम्मेदारियों, फैसलों और कर्मों का परिणाम भी देते हैं। यही वजह है कि साढ़ेसाती के दौरान कई लोगों की जिंदगी में धीरे-धीरे ऐसे बदलाव आते हैं, जिनका असर आगे चलकर फायदा देता है। साल 2026 में शनि मीन राशि में ही स्थित हैं। इसी वजह से कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक साढ़ेसाती के अलग-अलग चरणों से गुजर रहे हैं। कुंभ राशि पर इसका अंतिम चरण, मीन पर दूसरा यानी चरम चरण और मेष पर पहला चरण चल रहा है। खास बात यह है कि 20 अगस्त 2026 को शनि वक्री अवस्था में रेवती नक्षत्र के पहले चरण में दोबारा पहुंचे हैं। ऐसे में अगस्त के बाद साढ़ेसाती से प्रभावित राशियों के लिए...