नई दिल्ली, सितम्बर 14 -- Shani Sade Sati 2026: ज्योतिष में शनि देव को न्याय और कर्म का कारक माना जाता है। शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देने वाले ग्रह माने जाते हैं। इस समय शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और उनकी चाल वक्री है। शनि की इस उल्टी चाल का असर सभी राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। खास बात यह है कि शनि के मीन राशि में रहने से कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं। ऐसे में शनि की वक्री चाल इन तीनों राशियों के लिए ज्योतिष की नजर से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जाता है कि इस दौरान पुराने अटके काम फिर सामने आ सकते हैं और नौकरी, कारोबार, धन तथा पारिवारिक मामलों में धैर्य की परीक्षा हो सकती है।शनि कब तक रहेंगे वक्री? शनि देव 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में वक्री हुए थे। अब शनि की यह वक्री चाल 11 दिसं...