नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- शनि का गोचर मेष राशि में अगले साल होगा। अगले साल जून में शनि मेष राशि में गोचर करेंगे। आपको बता दें कि शनि के इस गोचर से कई राशियों के लिए अच्छे योग होंगे, साथ ही शनि की साढ़ेसाती वाली राशियों के लिए यह समय दिक्कत वाला होता है। आपको बता दें कि शनि ढ़ाई साल तक एक राशि में विचरण करते हैं। शनि को स्लो गति से चलने वाला ग्रह कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि शनि 30 साल बाद एक राशि में वापस आते हैं। शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं। आपको बता दें कि अगर किसी की जन्म राशि से द्वादश, प्रथम एवम् द्वितीय भाव में शनि गोचर कर रहे हैं, तो शनि की साढ़े साती होती है। शनि जब गोचर कर रहे होते हैं, तो जब शनि मीन, मेष और वृष राशि पर रहता है तब मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहता है। ऐसे समय में शनि की सबसे अधिक प्रभाव मेष रा...
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