नई दिल्ली, जून 17 -- पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। इस नक्षत्र में किए गए काम आपके लंबे चलते हैं और आपको गुरु के कारण भाग्य का साथ मिलता है। यहां हम गुरु और शनि दोनों के नजरिए से समझेंगे कि गुरु पुष्य नक्षत्र क्यों खास है। कल गुरु पुष्य नक्षत्र में जा रहे हैं, यह नक्षत्र का स्वामी शनि है, शनि सबसे स्लो चलने वाला , ठहराव देने वाला , स्थिरता का ग्रह है., यानी शनि अपने काम धीरे-धीरे करता है,इसलिए आप इस योग में कोई काम कर रहे हैं तो इसमें स्थिरता आएगा, जैसे आप लक्ष्मीजी की पूजा करते हैं तो वो स्थिर मुहूर्त में करनी चाहिए। इस योग में आप किसी काम को शुरू करने के कारण आपका काम स्थिर रहता है, ये जल्दी खत्म नहीं होता है। इसलिए इस नक्षत्र में खरीददारी करते हैं। कोई नया काम शुरू करते हैं, तो वो भी आगे तक चलेगा। इसलिए शनि के इस नक्षत...