रांची, मई 31 -- इटकी, प्रतिनिधि। इटकी के झखरा सरना स्थल परिसर में रविवार को आयोजित सभा में आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत शनि उरांव को बारह पड़हा का नया राजा घोषित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति डॉ. रविंद्र नाथ भगत ने उन्हें माला, पगड़ी और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. भगत ने कहा कि पड़हा व्यवस्था आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण न्यायिक और सामाजिक विरासत है। आदिवासी समाज प्रकृति के नियमों के अनुरूप जीवन जीता है और पड़हा व्यवस्था सामाजिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पड़हा राजा इस व्यवस्था के प्रमुख संरक्षक होते हैं। यह भी पढ़ें- ऐतिहासिक कॉम्पाट मुंडा पड़हा जतरा आज, तैयारियां पूरी सभा में वक्ताओं ने आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने पर जोर दिया तथा त...