वाराणसी, अप्रैल 28 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। कमच्छा स्थित बीएचयू के शिक्षा संकाय में सोमवार को सेवाज्ञ संस्थानम की तरफ से 'उत्तिष्ठ भारत : संवाद से समझ की ओर' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण ने युवाओं को आत्मचिंतन का मंत्र देते हुए कहा कि शत्रु विजयी नहीं होता, हमारी दुर्बलताएं परास्त होती हैं। कार्यक्रम में युवा चेतना, समाज और उत्तरदायित्व पर गंभीर विमर्श हुआ। आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण ने कहा कि व्यक्ति-निर्माण और राष्ट्र-निर्माण के बीच जो फांक उत्पन्न हुई है, वही आज की सबसे बड़ी चुनौती है। जो विकसित हुआ, उसने विकास को वैयक्तिक माना, राष्ट्रीय नहीं। परिणामस्वरूप भारतीय तो विकसित हुए पर भारत के विकास पर संदेह बना रहा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि विश्व में सम्मान प्राप्त करने के ...