शतरंज से बढ़ती है तार्किक चिंतन व निर्णय की क्षमता :प्राचार्य
बगहा, अगस्त 7 -- बेतिया, बेका। शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि दूरदर्शिता, तार्किक चिंतन व निर्णय क्षमता का उत्कृष्ट माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में बौद्धिक विकास, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। उक्त बातें एमजेके कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर नवल किशोर बैठा ने शुक्रवार को कही। महाविद्यालय के खेल विभाग द्वारा अंतर-विभागीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नवल किशोर बैठा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
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