बक्सर, मार्च 21 -- बक्सर, हिन्दुस्तान संवाददाता। शक्ति के उपासकों ने चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मां महामाया के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की। देवी मंदिरों में मां के दर्शन-पूजन के लिए सुबह और शाम भक्तों की काफी भीड़ जुटी। आचार्य पंडित लक्ष्मण दूबे लहरी ने बताया कि चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन जगदंबा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। मां के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्द्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा के नाम से जाना गया। युद्धमुद्रा में सिंह पर सवार माता रानी के दस हाथ हैं। पंडित लहरी ने बताया कि इनकी उपासना से साधक के सभी संताप दूर होते हैं और सकल मनोरथ पूरे होते हैं। मां की कृपा से वह परम पद का अधिकारी हो जाता है। जिन जातकों का चंद्रमा कमजोर होता है, उन्हें मां चंद्रघंटा की पूजा अवश्य करनी चाहिए। ...