नई दिल्ली, अगस्त 11 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को कड़ी फटकार लगाते हुए अपनी शक्तियों का सही और समझदारी से इस्तेमाल करने की सलाह दी है। अदालत ने टिप्पणी की कि एफडीए अपनी शक्तियों को इस्तेमाल 'मच्छर मारने के लिए तलवार' की तरह कर रहा है। साथ ही बिना सवाल पूछे सीधे कार्रवाई की प्रवृत्ति अपना रहा है। अदालत ने चेतावनी भी दी कि अगर नियामक अपनी इस अतिवादी कार्यप्रणाली को नहीं सुधारता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। हाईकोर्ट कैडिला फार्मास्युटिकल्स द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कंपनी ने राज्य भर में अपने कुछ ब्रांडेड दवाओं, जैसे एसिलॉक की बिक्री पर रोक लगाने और लगभग 2.45 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त किए जाने की एफडीए की कार्रवाई को चुनौती दी थी। यह भी पढ़ें- ब्लिंकिट के गोदाम में रेंग रहे...