औरैया, मार्च 18 -- औरैया, संवाददाता। जनपद के दक्षिणी छोर पर यमुना तट के समीप स्थित मां मंगला काली धाम न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यहां स्थापित मां काली की प्रतिमा को शक्ति और तपस्या का प्रतीक माना जाता है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह क्षेत्र प्राचीन काल में कन्नौज राज्य का हिस्सा रहा और प्रतिहार वंश के राजा मिहिरभोज के शासन से भी इसका संबंध बताया जाता है। मंदिर परिसर में स्थापित देवी की प्रतिमा अन्य मंदिरों से भिन्न है, जिसमें मां को ध्यानमग्न और तपस्या की मुद्रा में दर्शाया गया है। मां की इस स्वरूप को 'मंगला काली' के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि मंदिर के आसपास का क्षेत्र कभी विकसित आबादी 'मधुपुरा' गांव के रूप में जाना जाता था, जो...