हरिद्वार, जनवरी 21 -- प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दौरान गंगा स्नान से रोके जाने और ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से कथित दुर्व्यवहार को लेकर उपजे विवाद पर हरिद्वार के संत समाज में रोष है। हरकी पैड़ी पर साधु-संतों ने धरना देकर स्पष्ट किया कि शंकराचार्य पद का फैसला सरकार या प्रशासन नहीं करता है। पूरे घटनाक्रम की निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से शंकराचार्य और उनके शिष्यों से सार्वजनिक माफी की मांग की है। एक दिन पहले प्रयागराज मेला प्रशासन ने नोटिस जारी करते हुए शंकराचार्य पद के उपयोग पर सवाल उठाए थे। प्रयागराज में गंगा स्नान से रोके जाने को लेकर यूपी प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच विवाद ने हरिद्वार में भी प्रतिध्वनि पैदा कर दी है। हरकी पैड़ी पर भारत साधु समाज और श्री अखंड परशुराम अखाड़े के...
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