जमुई, सितम्बर 20 -- झाझा । निज संवाददाता यूपीआई के (कॉमर्शियल) ट्रांजेक्शन पर आगामी 15 अक्टूबर से प्रभावी होने जा रहे 0.04 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर लोगों की कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती मिल रही है। उन विभिन्न प्रति्त्रिरयाओं के अलावा आम लोगों से लेकर व्यवसायियों तक के विभिन्न तबकों की रायशुमारी में दो बातें आम राय या आम अवधारणा के रूप में सामने आती मिलीं, पहली कि सरकार के जिस डिजिटल पेमेंट सिस्टम के मामले में भारत वर्ल्ड लीडर बन रहा था, उस मिशन में एमडीआर "स्पीड ब्रेकर" साबित हो सकता है,यानि मिशन की रफ्तार धीमी (सॉफ्ट पेडल) कर सकता है। दूसरा,लोगों के अनुसार सरकार के लाख भरोसा दिलाए जाने के बाद भी उक्त एमडीआर की मार अंततोगत्वा ग्राहकों पर ही पड़नी तय है। कई दुकानदारों का कहना था कि प्रतिस्पर्धा के मौजूदा दौर में वस्...