मैनपुरी, मई 29 -- कुसमरा। ग्राम धरमंगदपुर स्थित शिव मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथाव्यास आचार्य प्रहलाद त्रिपाठी ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का रसपान कराया। आचार्य ने कहा कि संसार में सच्चा और शाश्वत सुख केवल भगवान के चरणों में ही है। भगवान के सम्मुख होना और उनकी शरण में जाना ही वास्तविक भागवत है। उन्होंने भागवत कथा को पांचवां वेद बताते हुए कहा कि यह एक ऐसी अचूक औषधि है, जिससे मनुष्य का जन्म-मरण का रोग हमेशा के लिए मिट जाता है। व्यस्त जीवन से समय निकालकर कथा श्रवण अवश्य करना चाहिए। कथाव्यास ने बताया कि सनातन धर्म के अनुसार जब-जब पृथ्वी पर असुरों का अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु धरा का भार कम करने के लिए अवतार लेते हैं। यह भी पढ़ें- शांति, सद्भाव और प्रेम का संदेश देती है श्रीमद्भागवत कथा उन्होंने अब ...