व्यवसायीक्करण से कमजोर हो रही गुरु शिष्य परंपरा
हजारीबाग, सितम्बर 5 -- व्यवसायीक्करण से कमजोर हो रही गुरु शिष्य परंपरा हजारीबाग हमारे प्रतिनिधिशिक्षक दिवस के अवसर पर सागर भक्ति संगम के संयोजक विजय केसरी ने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण और इसे एक प्रोडक्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाना, हमारी प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा में गिरावट का सबसे बड़ा कारण है। भौतिकतावाद की अंधी दौड़ के बीच आज इस गौरवशाली परंपरा को कलंकित करने की घटनाएं चिंताजनक हैं। शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं और आज के शिष्य भविष्य की नींव रखते हैं। इसलिए दोनों को इस पवित्र रिश्ते की गरिमा पर गहराई से विचार करना चाहिए। शिष्यों को अपने ज्ञान में गुरु के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए और उनके प्रति आदर भाव रखना ही शिक्षक दिवस की सच्ची सार्थकता है। यह भी पढ़ें- Hazaribagh News: 2491 स्कूलों, 200 से अधिक कोचिंग और शैक्षणिक संस...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.