व्यर्थ न गवाएं जीवन, जीवोर्पाजन के साथ करें भक्ति
मुरादाबाद, अगस्त 22 -- शहनाई मंडप में चल रही श्रीमद् भागवत कथा को शनिवार को विश्राम दिया गया। अंतिम दिन कथा व्यास साक्षी गोपाल दास ने मनुष्य को हजारों योनियों में सत्कर्म करने के बाद ही मनुष्य योनि मिलती है। इसे व्यर्थ नहीं गवाना चाहिए। उसे जीवोपार्जन के साथ भक्ति भी करते रहना चाहिए। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के स्मरण, एवं मनन से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। पादुका सेवा रमेश चंद्र यादव ने एवं भंडारे की सेवा मूल चंद्र तोमर ने की। व्यवस्था में अशोक सिक्का, मनोज धवन, अजय गुप्ता, वैष्णव प्रिय दास, मनू रस्तोगी, सुधीर टंडन, अजय सहगल आदि रहे।
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