वो कभी ना हारे जो भोले की कांवड़ उठा ले
बिजनौर, अगस्त 8 -- श्रावण मास की शिवरात्रि 11 अगस्त को है। इसीलिये हरिद्वार से गंगा जल लाने वाले कावड़ियों का सिलसिला और भी तेज हो गया है। पैरों में घुंघरू की छन-छन और घंटियों की घन-घन से वातावरण में गूंज रही हैं। यह भी पढ़ें- Bagpat News: भोले की भक्ति में डूबे कांवड़ियों का हर तरफ सैलाब कावड़ियों का जलाभिषेक शनिवार को हरिद्वार से गंगा जल लेकर अपने गंतव्य को जाने वाले कांवड़ियों के जत्थे मोटा महादेव मंदिर पर पहुंचे और स्वयं भू सिद्धपीठ भोलेनाथ पर जलाभिषेक करके आगे की ओर रवाना हो गये हैं। मान्यता है कि मोटामहादेव मंदिर पर स्वयं भू सिद्धपीठ शिवलिंग पर जलभिषेक किये बिना आगे बढ़ने वाले कांवड़ यात्रियों की कांवड पूरी नहीं मानी जाती। इसके बाद भैरव का सोटा खाकर उनकी सारी थकान दूर हो जाती है। यह भी पढ़ें- कांवड यात्रा में आस्था के साथ देश भक्ति की...
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