प्रतापगढ़ - कुंडा, अक्टूबर 22 -- लालगंज, हिन्दुस्तान संवाद। लोकतंत्र में मताधिकार के अधिकार पर लगातार चोट पहुंचाने वाली मोदी सरकार और गृहमंत्री अमित शाह के आगामी 30 वर्ष तक सत्ता में बने रहने के बयान ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को और संदिग्ध कर दिया है। गृहमंत्री लोकतंत्र में इस तरह का दावा कैसे ठोक सकते हैं। यह बातें राज्यसभा सांसद और विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने गुरुवार को जारी अपने बयान में कही। सांसद ने कहा कि गृहमंत्री को ज्ञानेश कुमार या फिर वोट चोरी पर यह भरोसा उन्हें भ्रमित करने वाला है। देश के 13 करोड़ मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से जबरन हटाना वोट के अधिकार पर खुला हमला है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के खाते में 15 लाख रुपये, दो करोड़ नौकरी, किसान समर्थन मूल्य की जुमलेबाजी और महंगाई का बेकाबू ह...