वैश्विक स्तर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए प्रतिस्पर्धी संस्कृति का माध्यम बना हिन्दुस्तान ओलंपियाड
बेगुसराय, अगस्त 31 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। आज की शिक्षा व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। प्रतियोगिता परीक्षाएं अब केवल स्कूल कॉलेज एवं चयन आयोगों के आयोजन भर ही सीमित नहीं हैं। यह केवल पाठ्यपुस्तक आधारित कौशल एवं ज्ञान की परीक्षा नहीं है। यह विद्यार्थियों में अवधारणात्मक समझ, तार्किक क्षमता, विश्लेषण, समस्या-समाधान की तीव्रता, बहुविषयी दक्षता का परीक्षण एवं निष्कर्ष प्राप्त करने की तीव्रतम गति के परीक्षण का उद्देश्य लेकर बढ़ता जा रहा है। वैश्विक स्तर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए ओलंपियाड इसी प्रतिस्पर्धी संस्कृति का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। उपर्युक्त बातें मिडिल स्कूल बीहट में हिन्दुस्तान ओलंपियाड के महत्व पर चर्चा करते हुए एचएम रंजन कुमार ने कहीं।
हिन्दुस्तान ओलंपियाड का महत्व उन्होंने कहा कि हिन्दुस...
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