वैश्विक संकट व नीतियों की मार से सराफा बाजार में कम हुई रौनक
लखनऊ, मई 19 -- वैश्विक संकट के बीच सोने-चांदी को लेकर बनी नई नीतियों और सरकारी अपीलों का सीधा असर अब सराफा बाजारों पर दिखने लगा है। प्रधानमंत्री की ओर से वैश्विक संकट के बीच एक साल तक सोना न खरीदने की अपील, सोने पर भारी-भरकम 15 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने और चांदी (सिल्वर बार और सेमी मैन्युफैक्चर्ड सिल्वर बार) की आयात नीति को 'फ्री' से बदलकर 'प्रतिबंधित' श्रेणी में डाले जाने से सराफा कारोबारी बेहद परेशान हैं। इससे चौक, अमीनाबाद और महानगर सहित प्रमुख सराफा बाजारों की रौनक पूरी तरह गायब हो चुकी है। नतीजतन पिछले साल के मुकाबले कारोबार लगभग 25 फीसदी रह गया है। बाजार में इस समय सन्नाटे जैसी स्थिति है। टोटल खरीदारी में भारी गिरावट दर्ज की गई है और आम लोग अब केवल मजबूरी या बेहद जरूरी होने पर ही जरूरतभर के जेवर खरीद रहे हैं। शादी-ब्याह या अनिवार्य आ...
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