मुजफ्फरपुर, मई 2 -- कांटी, हिन्दुस्तान संवाददाता। वैश्विक व आत्मिक शांति के लिए भगवान बुद्ध के विचारों को अपनाने की जरूरत है। बुद्ध का जन्मस्थल व ज्ञानप्राप्ति स्थल तो प्रामाणिक हो चुका है, लेकिन महापरिनिर्वाण स्थल को लेकर पुरातत्वविद एकमत नहीं रहे हैं। सूर्यदेव ठाकुर, सच्चिदानंद चौधरी समेत कई शोधकर्ताओं ने विभिन्न तथ्यों के आधार पर कांटी के कुशी को भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण स्थल बताया है। उन्होंने कहा कि इस पर गहन शोध की जरूरत है ताकि महापरिनिर्वाणस्थल की सत्यता सामने आ सके। साहित्य भवन कांटी में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने ये बातें कहीं। यह भी पढ़ें- बुद्ध पूर्णिमा पर जेतवन परिसर हजारों दीपों से जगमगाया 'भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण स्थल कासिया नहीं मुजफ्फरपुर का कुशी' पुस्तक के ...