बांका, अप्रैल 26 -- कटोरिया (बांका) निज प्रतिनिधि। वैशाख का महीना चल रहा है और मौसम के मिजाज ने यह साफ कर दिया है कि इस साल गर्मी किसी परीक्षा से कम नहीं होने वाली। सूरज की तपिश ने अभी से लोगों को इस कदर बेदम कर दिया है कि दोपहर का समय सन्नाटे में बदलने लगा है। सड़कें सूनी हैं, खेत वीरान हैं और लोग घरों में दुबकने को मजबूर। यह वह समय है जब आमतौर पर गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ती है, लेकिन इस बार तो शुरुआत ही चेतावनी बनकर सामने आई है कि जेठ अभी बाकी है। गर्मी के इस प्रचंड रूप का सबसे बड़ा असर जलस्रोतों पर दिखाई देने लगा है। यह भी पढ़ें- बढ़ती गर्मी से जनजीवन प्रभावित, अस्पताल में बढ़े लू के मरीज गांवों के चापाकल अब थककर जवाब देने लगे हैं। कई जगहों पर पानी की धार पतली होकर बूंदों में सिमट गई है, तो कहीं पूरी तरह सूख चुकी है। पुराने कुएं, जो कभी...
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