नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्।न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्।। (-स्कंद पुराण, वैष्णव खंड) -'वैशाख के समान कोई मास नहीं, सतयुग के समान कोई युग नहीं, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं और गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं है।'अपनी इसी विशिष्टता के कारण वैशाख मास, जिसे सामान्यत: बैसाख भी कहते हैं, को सभी मासों में उत्तम मास कहा गया है। भगवान विष्णु ने वैशाख मास में मधु दैत्य का वध किया था, इसलिए इस महीने को 'माधव' मास भी कहा जाता है।वैशाख मास में सभी तीर्थ, देवी-देवता आदि जल में निवास करते हैं पुराणों में ऐसा वर्णन है कि देवर्षि नारद ने राजा अंबरीश से कहा था कि स्वयं ब्रह्मा ने वैशाख मास को सब मासों में उत्तम कहा है। वैशाख मास में सभी तीर्थ, देवी-देवता आदि जल में निवास करते हैं। भगवान विष्णु की आज्ञा से मनुष्यों का कल...