प्रयागराज, अप्रैल 7 -- हनुमानगंज, हिन्दुस्तान संवाद। शिवगंगा आश्रम झूंसी में अपने प्रवास के दौरान मंगलवार को धर्म, अध्यात्म और राष्ट्र के मुद्दे पर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हुए शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि गृहस्थ आश्रम में जीवनयापन करते हुए 24 घंटे में महज 24 मिनट पूरे मनोभाव से ईश्वर की आराधना करनी चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि सब के पूर्वज सनातनी आर्य वैदिक हिंदू हैं। सनातन सिद्धांत प्रमाणित है। आपस में यदि संघ बल है तो किसी भी विषम परिस्थितियों से निपटा जा सकता है। हिंदुओं में सुझाव देने की प्रवृत्ति तो है लेकिन उसे क्रियान्वित करने में वे पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवारों का विघटन होना व शास्त्र सम्मत वैवाहिक परंपराओं से दूरी बनाना अवसाद का कारण बनता जा रहा है। शंकराचार्य ने कहा कि युवाओं को अवसा...
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