कौशाम्बी, अगस्त 28 -- श्रावणी पर्व के पावन अवसर पर शुक्रवार को संदीपन घाट स्थित गंगा तट वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से गूंज उठा। करीब छह दशक से चली आ रही श्रावणी उपाकर्म, सप्तर्षि पूजन और यज्ञोपवीत पूजन की परंपरा इस वर्ष भी विधि-विधान से संपन्न हुई। जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों ब्राह्मणों ने गंगा स्नान कर उपाकर्म में भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन आदर्श संस्कृत महाविद्यालय भरवारी के पूर्व प्राचार्य आचार्य पं. मुरलीधर मिश्र की अध्यक्षता, मार्गदर्शन और संचालन में हुआ। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सप्तर्षियों का पूजन किया और यज्ञोपवीत का विधिवत पूजन-अर्चन कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। आचार्य पं. मुरलीधर मिश्र ने बताया कि संदीपनघाट पर श्रावणी उपाकर्म की परंपरा करीब छह दशक पुरानी है। यह भी पढ़ें- गंगा तट पर गूंजे वैदिक मंत्र, श्रद्...