अयोध्या, मार्च 23 -- अयोध्या, संवाददाता। जीयर स्वामी के सान्निध्य में राजघाट में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में सोमवार को यज्ञ के पांचवें दिन विश्व कल्याण के उद्देश्य से एक साथ पांच हजार यजमानों ने वैदिक मंत्र के साथ एक साथ आहुति दी। यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए हजारों की संख्या में बिहार झारखंड तथा उत्तर प्रदेश से लोग आ रहे हैं। यह सिलसिला सुबह 10:00 बजे से लेकर रात्रि 12:00 बजे तक चल रहा है। पूरा क्षेत्र भक्तिमय बन गया है। वहीं विभिन्न क्षेत्रों से आए संत- महात्मा प्रवचन से श्रोताओं को दीक्षा दे रहे हैं। उधर स्वामी जी ने प्रवचन करते हुए कहा कि भागवत पुराण सिर्फ ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन शैली को आधार देने वाला शास्त्र है। यह जीवन जीने की शैली है। यह उलझे-भटके जीवन को सुलझाने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने श्रीमद् भागवत महापुराण क...