वाराणसी, मार्च 10 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। ऋषि वराहमिहिर ने तथ्यों से काल गणना का विस्तार से वर्णन किया है। समय की मापन प्रक्रिया अनादिकाल से चली आ रही है। इस वैदिक पद्धति को वैज्ञानिक आधार पर स्‍थापित करना जरूरी है। जिससे भारतीय काल गणना को वैश्विक स्‍तर पर स्‍थापित किया जा सके। विज्ञान भारती नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा ने सोमवार को बीएचयू के वैदिक विज्ञान केंद्र में ये बातें कहीं। वह मध्यप्रदेश के उज्जैन में 3 से 5 अप्रैल तक होने वाली अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'महाकाल: द मास्‍टर आफ टाइम' की यहां हो रही प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप के मुख्य अतिथि थे। अध्‍यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि वैदिक कालगणना से संबंधित यह संगोष्‍ठी ज्‍योतिष के क्षेत्र में शोध के लिए नई दिशा प्रदान कर सकती है।प्र...