भदोही, अप्रैल 25 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। गर्मी के दिनों में सूरन की खेती कर किसान बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। वैज्ञानिक विधि से सूरन बोना और ज्यादा लाभ देगा। सूरन की खेती घूर के आसपास, दालान या मकान के पीछे बाग-बगीचों में लोग करते हैं। यदि सूरन को प्रमुख फसल में शामिल कर लिया जाए तो किसान अच्छी आमदनी कर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि सूरन की फसल गर्म जलवायु में 25-35 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान के बीच होता है। आद्र जलवायु प्रारंभ में पत्तियों की वृद्धि में सहायक व कंद बनाने की अवस्था में सूखी जलवायु उपयुक्त होता है। सूरन की खेती को बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त रहती है। उत्तम जल निकासी व्यवस्था होना चाहिए। खेती योग्य भूमि तैयार करने के लिए दो बार मिट्टी पलटना होना चाहिए। सूरन की फसल छह से आठ माह म...