वैज्ञानिकों को बधाई
नई दिल्ली, जुलाई 19 -- एक ऐसे समय में, जब अनेक वैज्ञानिकों के इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) छोड़ने की खबरें सुर्खियां बटोरने लगी थीं, देश में निजी क्षेत्र द्वारा विकसित आर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' का सफल प्रक्षेपण एक आह्लादकारी सूचना है। शनिवार 18 जुलाई को आंध्र के श्रीहरिकोटा लॉन्च पैड से इसे छोड़ा गया और इसने भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में एक नया कीर्तिमान गढ़ दिया। एक ऐसा कीर्तिमान, जो हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रमों की उन्नति, हमारे वैज्ञानिकों की बेजोड़ काबिलियत और निजी क्षेत्र की अपार संभावनाओं से जुड़ा है। अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया है, जिसके निजी क्षेत्र ने अंतरिक्ष की दुनिया में सफलतापूर्वक कदम रख दिया है। विक्रम-1 को विकसित करने वाली निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्...
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