नई दिल्ली, जनवरी 4 -- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना ने एक संप्रभु देश के ऊपर न केवल हमला किया, बल्कि वहां के तथाकथित निर्वाचित राष्ट्रपति को उठाकर अपने देश भी ले आए। मादुरो के ऊपर भले ही तानाशाही और देश को बर्बाद करने के आरोप हों, लेकिन किसी देश के राष्ट्रपति को इस तरह से उठाकर ले आना अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। ट्रंप के समर्थक माने-जाने वाले कई वैश्विक नेताओं ने ट्रंप के इस कदम की तारीफ की। तटस्थ रहने वालों ने तारीफ तो नहीं कि लेकिन इसका खुला विरोध भी नहीं किया। अंत में वह लोग हैं, जो या तो ट्रंप या अमेरिका के घोर विरोधी माने जाते हैं, उन्होंने ट्रंप के इस कदम की जमकर आलोचना की। संयुक्त राज्य अमेरिका ने जिस तरह से 21वीं सदी में दुनिया को जिस तरीके से उपनिवेशवाद का एक नया उदाहरण पेश क...