रांची, मार्च 14 -- रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग और पूर्ववर्ती छात्रसंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी का शनिवार को समापन हो गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में चिन्मय मिशन के स्वामी परिपूर्णानंद सरस्वती उपस्थित थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सरला बिरला विश्वविद्यालय की प्रो. नीलिमा पाठक (अध्यक्ष, योग एवं नैचुरोपैथी और आर्ट, कल्चर एंड स्पोर्ट संकाय) ने की। स्वामी परिपूर्णानंद सरस्वती ने वेद-वेदांग में सन्निहित भारतीय ज्ञान परंपरा के वास्तविक स्वरूप को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। कहा कि संस्कृत को केवल रोजगार के साधन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जीवन दर्शन के रूप में अपनाना चाहिए। वहीं, प्रो. नीलिमा पाठक ने ज्ञान-विज्ञान की पारंपरिक विद्या को ...