वाराणसी, दिसम्बर 4 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। दो सौ वर्षों के इतिहास में पहली बार काशी में दंडक्रम पारायण की सफलता पर पारायणकर्ता ने गौरी केदारेश्वर के समक्ष कृतज्ञता व्यक्त की। वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे ने बुधवार को केदार घाट स्थित मंदिर में स्वयं-भू शिवलिंग का अभिषेक किया। मात्र 19 वर्ष की अवस्था में यह अद्वितीय कार्य करने वाले वेदमूर्ति रेखे ने रामघाट स्थित सांगवेद विद्यालय में श्रीशुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा का संपूर्ण कंठस्थ दंडक्रम पारायण 50 दिनों में पूरा किया था। महाराष्ट्र के अहिल्या नगर निवासी वेदमूर्ति रेखे के साथ अभिषेक करने वालों में उनके पिताजी वेदमूर्ति महेश चंद्रकांत रेखे, पारायण के मुख्य श्रोता पं.देवेंद्र रामचंद्र गढ़ीकर घनपाठी,पारायण के मुख्य संचालक वेदमूर्ति निलेश केदार घनपाठी भी रहे। मंदिर के मुख्य अर्चक एवं ...
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