रांची, अप्रैल 17 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड सचिवालय में मार्च माह के वेतन का भुगतान न होने से गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सचिवालय सेवा संघ ने इसके लिए कार्मिक विभाग की त्रुटिपूर्ण एवं अव्यवहारिक नीतियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। संघ के अनुसार, कार्मिक विभाग लंबे समय से प्रोन्नति प्राप्त पदाधिकारियों को उनके मूल प्रोन्नत पदों पर विधिवत पदस्थापित करने के बजाय उनके वर्तमान पदों को ही उत्क्रमित कर पदस्थापना करता रहा है। इस कुप्रबंधन के कारण कई पदाधिकारी बिना स्वीकृत पद के ही कार्यरत हो गए, जबकि अन्य विभागों में पद खाली पड़े रहे। संघ का कहना है कि ट्रेजरी घोटाले के बाद जब वेतन भुगतान की जांच शुरू हुई, तो ट्रेजरी ने इन असंगत पदस्थापनाओं पर आपत्ति जताते हुए वेतन रोक दिया। संघ ने आक्रोश जताते हुए कहा कि जिस व्यवस्था पर वर्षों स...