कोच्चि, मार्च 17 -- केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित करते हुए एक अस्पताल को निर्देश दिया है कि वह 'ब्रेन-डेड' यानी दिमागी तौर पर मृत घोषित किए जा चुके एक व्यक्ति के गैमीट्स (स्पर्म) को निकालकर क्रायोप्रिजर्व करे। ताकि वह महिला भविष्य में उसी पति के बच्चे की मां बन सके। क्रायोप्रिजर्वेशन माइनस 196 डिग्री सेल्सियस या उससे कम के अत्यंत ठंडे तापमान पर लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल करके स्पर्म, कोशिकाओं, ऊतकों या भ्रूण जैसे जैविक नमूनों को संरक्षित करने की तकनीक है। इस फैसले से भविष्य में पत्नी के लिए सहायक प्रजनन के जरिए मां बनने का रास्ता खुल सकता है।याचिका और कोर्ट का आदेश यह याचिका ब्रेन-डेड व्यक्ति की पत्नी द्वारा दायर की गई थी। जस्टिस एम.बी. स्नेहलता ने मामले की सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया। कोझिको...
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