कौशाम्बी, अप्रैल 16 -- जिले के बृहद गोसंरक्षण केंद्रों में अब कम से कम चार सौ गोवंशों का संरिक्षत किया जाना अनिवार्य हो गया है। इतना ही नहीं नवनिर्मित बृहद गोसंरक्षण केंद्रों को भी तत्काल प्रभाव से शुरू कराना होगा। इसके लिए निदेशक प्रशासन एवं विकास पशुपालन विभाग ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया है। 13 अप्रैल को अपर मुख्य सचिव पशुधन द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से गोशालाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की गई थी। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि कई वृहद गोसंरक्षण केंद्रों में पशुओं की संख्या ढाई सौ से कम है तो कुछ में सौ से भी कम पाई गई है। निर्देशित किया कि 20 अप्रैल तक प्रत्येक दशा में इन गोशालाओं में अन्ना गोवंशों को पकड़कर संरक्षित कराना सुनिश्चित करें। जिले में बने नए वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का संचालन तत्काल प्रभाव से ...
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