नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- Vrishabh rashi sade sati start and end date: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे धीमी गति का ग्रह माना जाता है। लेकिन राशि के गोचर या राशि परिवर्तन की घटना को सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माना गया है। जब भी शनि राशि परिवर्तन करते हैं तो एक राशि पर शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ होती है, जबकि दो अन्य राशियों पर साढ़ेसाती के चरण में बदलाव होता है। 2027 में शनि मंगल की मेष राशि में गोचर करने वाले हैं। शनि के मेष गोचर से वृषभ राशि पर साढ़ेसाती प्रारंभ होगी। वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। शुक्र और शनि के बीच मित्रता का भाव है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि साढ़ेसाती के दौरान शनि जातक की कठिन परीक्षा लेते हैं। पीड़ित राशियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियां रह सकती हैं। वृषभ राशि शनि की मित्र राशि है, इसलिए साढ...