रुडकी, अप्रैल 5 -- वरिष्ठ नागरिक परिषद के रविवार को हुए वार्षिकोत्सव में अतिथियों ने उम्र के एक पड़ाव पर आकर जीवन में आने वाली जटिलताओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था ही वह समय होता है जब व्यक्ति पीछे मुड़कर अपने अतीत को देखता है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं मेयर अनीता अग्रवाल ने कहा कि वृद्धावस्था में मनुष्य अपने सपनों, संघर्षों और वास्तविकताओं की तुलना करता है। इस आयु में मनुष्य प्रेम को अपने नए दृष्टिकोण से देखता है। विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन कौर ने कहा कि वरिष्ठ नागरियों को भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 में जीवन एवं स्वतंत्रता का अधिकार होता है। डॉ. विकास गोयल ने परिषद की वार्षिक आख्या, आय-व्यय का ब्योरा और फिजियोथेरैपी सेंटर का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। वार्षिकोत्सव में क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य ...
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