गढ़वा, अक्टूबर 1 -- गढ़वा, प्रतिनिधि। माता-पिता जीवनभर बच्चों की परवरिश और शिक्षा में अपनी खुशियां लगा दीं। अब बुढ़ापे में उन्हें सम्मान और सहारे की जरूरत है। उनकी उपेक्षा संतान को महंगा पड़ सकता है। वृद्धजनों के अधिकारों को लेकर गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर प्रखंड परिसर गढ़वा में कानूनी जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष दिनेश कुमार और सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देश पर हुआ। पीएलवी मुरली श्याम तिवारी और कृष्णानंद दुबे ने ग्रामीणों को वृद्धजनों के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने कठिन परिश्रम कर बच्चों को पढ़ाया-लिखाया और जीवन संवारा। यह भी पढ़ें- वृद्धजनों के साथ दुर्व्यवहार कब रुकेगा वृद्धावस्था में उनकी देखभाल, सम्म...