जमशेदपुर, अप्रैल 15 -- अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद जमशेदपुर एवं सरायकेला खरसावां शाखा के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जुड़ शीतल और मिथिला का नववर्ष समारोह पूर्वक मनाया गया। पर्यावरण एवं जल संरक्षण के उत्कृष्ट पर्व जुड़ शीतल पर मुख्य अतिथि आरक्षी उपाधीक्षक सुनील चौधरी ने कहा कि यह पर्व मिट्टी से जुड़ाव से महत्व को बताता है। यह संदेश देता है कि हमें मनुष्यों ही नहीं वरन वृक्ष और सरोवरों को भी जीवंत रखने की जरूरत है। केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार झा अविचल ने कहा कि मैथिली भाषियों को संकल्प लेने का और आत्म विश्लेषण अवसर नववर्ष उपलब्ध कराता है। समवेत रूप से वक्ताओं ने झारखंड में मैथिली को नियोजन नीति में स्थान न मिलने को दूर्भाग्यपूर्ण बताया। यह भी पढ़ें- प्रकृति के प्रति प्रेम दर्शाता है मिथिला नववर्ष जुड़शीतल समारोह में अतिथि के रूप मे...
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