नई दिल्ली, जून 27 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने 525 किलोग्राम मादक पदार्थ की जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी नहीं किए जाने और साक्ष्य जुटाने में लापरवाही को लेकर पुलिस के प्रति नाराजगी जताते हुए मामले में चार लोगों की दोषसिद्धि रद्द कर दी। न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा राय की खंडपीठ ने कहा कि हैरानी की बात है कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और अन्य अधिकारी जांच एवं माप उपकरण समेत कई तरह के उपकरण साथ रखते हैं लेकिन वे तलाशी और जब्ती की वीडियोग्राफी के लिए कोई उपकरण नहीं ले जाते। अदालत ने कहा कि अधिकारियों को छापेमारी और जब्ती की वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने का बार-बार निर्देश दिया गया है लेकिन 'ऐसा प्रतीत होता है कि वे इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और इसके कारण वे ही बेहतर जानते हैं। नादिया जिले के कृष्णानगर की एक अदालत ...