कन्नौज, मई 14 -- छिबरामऊ/कन्नौज। राजनीति में अक्सर सत्ता का मतलब ''काफिला और धमक'' समझा जाता है, लेकिन बदलती वैश्विक परिस्थितियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान ने इस धारणा को उलट दिया है। पश्चिम एशिया के संकट और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच देश को आर्थिक मजबूती देने के लिए कन्नौज जिले के जनप्रतिनिधियों ने सादगी की एक नई मिसाल पेश की है। विधायक अर्चना पांडेय और राज्यमंत्री कैलाश राजपूत ने अपने तामझाम को त्याग कर यह संदेश दिया है कि ''बचत'' ही सबसे बड़ा राष्ट्रवाद है। ​हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और कोविड काल की तरह ''वर्चुअल वर्किंग'' अपनाने की भावुक अपील की थी। इसके तुरंत बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मंत्रियों और अधिकारियों के काफिले में 50 प्रति...