घाटशिला, मई 8 -- जादूगोड़ा। यूसील जादूगोड़ा से सटे चाटीकोचा, डुंगरीडीह समेत अन्य गांव में बसे विस्थापित परिवार इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 1996 में यूसील प्रबंधन ने बिना नोटिस दिए गांव में बुलडोजर चलाया था। तब से अब तक 29 साल बीत चुके हैं। लेकिन कंपनी ने अब तक विस्थापितों का पुनर्वास नहीं किया। कभी धोबोनी ग्रामसभा में तो कभी सुरदा ग्रामसभा में बसाने की बात हुई। लेकिन कहीं भी विस्थापितों को बसाया नहीं गया। अब आदिवासियों की आस्था का प्रतीक जाहेर थान यूसील कचरा, पानी में डूब गया है। बताया कि हम नरक जैसी जिंदगी जी रहे हैं। गर्मी में डैम से उड़ने वाली धूल हमारे घरों में भर जाती है। अब हमारा धर्मस्थल भी बरसात के दिनों में डूब जाता है। आसपास के नदी, नाले पूरी तरह से प्रदूषित हो चुके हैं। लोगों को पीने का पानी भी...