विषपान की भावना से ही संभव है विश्व कल्याण : नीरज शास्त्री
रामगढ़, अगस्त 25 -- मांडू, निज प्रतिनिधि। हेसागढ़ा स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ का वातावरण इन दिनों भक्ति और अध्यात्म से सराबोर है। यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की सुगंध और भगवान शिव के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है। कथा वाचक नीरज शास्त्री ने श्रद्धालुओं को शिव तत्व का संदेश देते हुए कहा कि भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष को अपने कंठ में धारण कर समस्त सृष्टि की रक्षा की थी। उसी त्याग, संयम और परोपकार की भावना को जीवन में उतारकर ही विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि त्याग, सेवा, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान शिव हमें सिखाते हैं कि समाज और धर्म की रक्षा के लिए व्यक्ति को अप...
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